शनिवार, 21 जनवरी 2017

हिंदी शिक्षाप्रद कहानी ; Hindi Moral Story कुसंगति का फल - Result of Bad Company








प्रतिदिन कुछ बगुले आकर एक किसान के खेत की फसल बर्बाद कर जाया करते थे । इसे देखकर किसान ने उन बगुलों पकड़ने के लिए खेत में जाल बिछाकर रख दिया । बाद में उसने जाकर देखा तो बहुत से बगुले उस जाल में फंसे हुए थे और उनके साथ एक सारस भी फंसा हुआ था । सारस ने किसान से खुद को आजाद करने की विनती की तथा कहा कि किसान भाई मैं बगुला नहीं हूँ तथा मैंने कभी भी तुम्हारी फसल को बर्बाद नहीं किया कृपा करके मुझे छोड़ दो, तुम विचार करके देखो की हमारी पक्षी प्रजाति में तुम्हे मुझ जैसा धर्मपरायण कोई दूसरा पक्षी नहीं मिलेगा, मैंने कभी किसी को कोई नुकसान नहीं पंहुचाया है । इस पर किसान ने कहा सुनो सारस तुमने जो कुछ भी कहा वो सच होगा मुझे इसमें कोई संदेह नहीं किन्तु तुम मेरी फसल बर्बाद करने वाले इन बगुलों के साथ पकड़े गए हो, अतः तुम्हे भी इनके साथ सजा भोगनी ही होगी........ क्योंकि कुसंग का फल सदैव बुरा होता है ।


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